
कोदो मिलट पुलीहोरा: शरीर के खून को साफ करने वाली और स्वाद से भरपूर पारंपरिक रेसिपी
सफेद चावल की जगह कोदो मिलट (अर्कलु) का उपयोग करके बनाएं यह पारंपरिक इमली भात। यह न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि आपके रक्त और पाचन तंत्र के लिए एक प्राकृतिक 'क्लींजर' की तरह काम करता है।
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- कोदो मिलट (अर्कलु) - 1 cup
- पानी - 2.5 cups
- इमली का गाढ़ा रस - 4 tbsp
- हल्दी पाउडर - 1/2 tsp
- नमक - स्वादानुसार
- मूंगफली - 2 tbsp
- राई - 1/2 tsp
- जीरा - 1/2 tsp
- चना दाल और उड़द दाल - 1 tbsp
- हरी मिर्च - 4 (चीरा लगा हुआ)
- सूखी लाल मिर्च - 3
- कड़ी पत्ता - 2 टहनी
- हींग - एक चुटकी
- तेल या घी - 2 tbsp
Nutrition Facts
| calories | 220 |
| protein | 6 |
| carbs | 38 |
| fat | 5 |
| fiber | 9 |
Method
परिचय: कोदो मिलट - प्रकृति का अपना 'ब्लड प्यूरीफायर'
नमस्ते मित्र! 'श्रीधान्य' मिललेट्स की श्रेणी में कोदो मिलट (जिसे तेलुगु में अर्कलु कहते हैं) का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है। आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा में इसे रक्त को शुद्ध करने वाला अनाज माना गया है। आज NutriLifeMitra पर हम अपनी पारंपरिक इमली वाली बिरयानी (पुलीहोरा) को इस सेहतमंद अनाज के साथ एक नया रूप दे रहे हैं।
चावल से बनी पुलीहोरा अक्सर पेट में भारीपन या गैस का कारण बन सकती है, लेकिन कोदो मिलट से बनी यह डिश बहुत हल्की होती है और शुगर लेवल को भी नियंत्रित रखती है। यह त्योहारों के स्वाद को बिना किसी सेहत के समझौते के एन्जॉय करने का सबसे अच्छा तरीका है।
कोदो मिलट के स्वास्थ्य लाभ: अर्कलु के गुण
- रक्त की शुद्धि: कोदो में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो खून से विषाक्त पदार्थों (toxins) को निकालने में मदद करते हैं।
- पाचन में सुधार: इसमें चावल के मुकाबले कहीं अधिक फाइबर होता है, जो कब्ज को दूर करता है और आंतों को स्वस्थ रखता है।
- एंटी-इन्फ्लेमेटरी: यह शरीर की अंदरूनी सूजन को कम करने में सहायक है, जिससे जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।
- हड्डियों की मजबूती: इसमें मौजूद मैग्नीशियम और आयरन हड्डियों और मांसपेशियों को ताकत देते हैं।
बनाने की विधि: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
- भिगोने की प्रक्रिया: कोदो मिलट को अच्छी तरह धो लें और इसे 2.5 कप पानी में कम से कम 1 घंटे के लिए भिगो दें। मित्र टिप: कोदो की बाहरी परत सख्त होती है, इसलिए बिना भिगोए यह पकाने के बाद भी कड़ा रह सकता है।
- पकाना: भीगे हुए मिलट को कुकर या किसी बर्तन में तब तक पकाएं जब तक पानी पूरी तरह सूख न जाए। पके हुए मिलट को एक चौड़ी थाली में फैला दें और पूरी तरह ठंडा होने दें ताकि दाने अलग-अलग रहें।
- इमली का पेस्ट: गाढ़े इमली के रस में हल्दी और थोड़ा नमक मिलाएं। इस मिश्रण को एक पैन में तब तक पकाएं जब तक कि यह गाढ़ा पेस्ट न बन जाए।
- तड़का तैयार करना: एक कढ़ाई में तेल गरम करें। मूंगफली डालकर सुनहरा होने तक भूनें। अब राई, जीरा, चना दाल, उड़द दाल, सूखी लाल मिर्च और हरी मिर्च डालें। अंत में हींग और कड़ी पत्ता डालें।
- मिश्रण: तैयार इमली के पेस्ट और तड़के को ठंडे किए हुए मिलट पर डालें। हल्के हाथों से मिलाएं ताकि दाने टूटे नहीं।
- विश्राम का समय: तैयार पुलीहोरा को कम से कम 30 मिनट के लिए छोड़ दें। इससे कोदो के दाने इमली के खट्टेपन को अच्छी तरह सोख लेंगे और स्वाद बढ़ जाएगा।
मित्र की सलाह: किसे, कब और कैसे? (The Mitra Strategy)
किसे खाना चाहिए: यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो बॉडी डिटॉक्स करना चाहते हैं या जिन्हें डायबिटीज है।
कब खाएं: यह दोपहर के भोजन (Lunch) के लिए एक आदर्श विकल्प है। यह सफर के दौरान ले जाने के लिए भी बहुत अच्छा है क्योंकि इमली इसे लंबे समय तक ताजा रखती है।
कैसे खाएं: इसे दही या किसी हल्के रायते के साथ खाएं, जिससे इमली का खट्टापन संतुलित हो सके।
मिथक बनाम सच्चाई
मिथक: "मिलेट से बनी डिशेज कड़वी होती हैं।"
सच्चाई: कोदो का स्वाद थोड़ा सोंधा (earthy) होता है, लेकिन इमली और हींग के साथ मिलने पर इसका स्वाद बिल्कुल वैसा ही आता है जैसा हम मंदिर के 'प्रसादम' में पाते हैं।
मेडिकल डिस्क्लेमर: कोदो मिलट रक्त स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है। लेकिन इसकी तासीर ठंडी होती है, इसलिए इसके साथ दिन भर में पर्याप्त मात्रा में हल्का गुनगुना पानी पीते रहें।
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